भाग एक · ध्यान के बारे में · 2. ध्यान का खिलना
संवेदनशीलता का विकास
ध्यान व्यक्ति को सुन्न और अलग नहीं बनाता; वह जीवन को महसूस करने की क्षमता को अधिक सूक्ष्म और समृद्ध करता है।
यह अध्याय क्या कहता है
जागरूकता बढ़ती है तो छोटी-सी घास, पक्षी, हवा, पेड़ या किसी की आवाज़ भी अधिक जीवित महसूस हो सकती है। संवेदनशीलता संसार से संबंध गहरा करती है।
पुस्तक की छवि
पुस्तक छोटी घास को भी तारों जितना अद्वितीय मानने की छवि देती है। यह भाव बताता है कि अस्तित्व में कुछ भी केवल “पृष्ठभूमि” नहीं।
अभ्यास के लिए इसका अर्थ
ध्यान की कसौटी केवल भीतर का मौन नहीं; देखें क्या आप जीवन, लोगों और प्रकृति के प्रति अधिक संवेदनशील, मित्रवत और ग्रहणशील हो रहे हैं।
आज इसे आज़माएँ
- किसी साधारण चीज़ को पूरी संवेदनशीलता से देखें—पत्ता, हवा, पानी या आवाज़।
- तुरंत नाम देने के बजाय रंग, ताप, गति और अनुभूति महसूस करें।
- देखें क्या कुछ मिनट में संसार थोड़ा अधिक जीवंत लगता है।