भाग दो · ध्यान का विज्ञान · 1. विधियाँ और ध्यान
विधियाँ सहायक हैं
विधियाँ भटकाव बचा सकती हैं, पर विधि स्वयं ध्यान नहीं है। उनका उद्देश्य आपको साक्षीभाव के निकट लाना है।
यह अध्याय क्या कहता है
सदियों से विकसित विधियाँ समय और ऊर्जा बचाती हैं। सही निर्देश आपको अनावश्यक प्रयोगों और भ्रम से बचा सकता है।
पुस्तक में संबंध
फिर भी विधि और ध्यान का संबंध साधन और लक्ष्य जैसा है। डायनेमिक, कुंडलिनी या कोई अन्य अभ्यास चलता रहे, और एक दिन आप उसे करते हुए उसे देखने वाले बन जाएँ—यहीं वास्तविक ध्यान प्रकट होता है।
अभ्यास के लिए इसका अर्थ
शुरुआत में विधि को सम्मान से करें; अंत में उसके पार जाने के लिए तैयार रहें। विधि को पहचान या उपलब्धि बनाना उसके उद्देश्य को उलट देता है।
विधि का उपयोग करते समय याद रखें
- निर्देश को स्पष्ट रूप से समझें और कुछ समय ईमानदारी से करें।
- सिर्फ अनुभव का पीछा न करें; देखने की गुणवत्ता को प्राथमिकता दें।
- विधि को लक्ष्य नहीं, द्वार मानें।