भाग एक · ध्यान के बारे में · 2. ध्यान का खिलना
एकांत: आपका स्वभाव
यहाँ एकांत का अर्थ अलगाव नहीं है। इसका अर्थ है अपने भीतर के आकाश में आनंद पा सकना।
यह अध्याय क्या कहता है
भीतरी यात्रा के अंतिम द्वार से केवल आप ही गुजर सकते हैं। पुस्तक संबंधों को अस्वीकार नहीं करती; वह केवल याद दिलाती है कि कोई दूसरा आपके लिए आपके गहरे केंद्र में प्रवेश नहीं कर सकता।
पुस्तक की छवि
एकांत की तुलना हृदय में खिलते कमल और दूर कहीं गाते पक्षी से की गई है। गीत किसी श्रोता को पकड़ने के लिए नहीं, भीतर की परिपूर्णता से स्वतः बहता है।
अभ्यास के लिए इसका अर्थ
यदि शांत होने के लिए हमेशा किसी व्यक्ति, स्वीकृति या परिस्थिति की जरूरत पड़े तो केंद्र अभी बाहर है। एकांत का अभ्यास अपने भीतर की पूर्णता को पहचानना है।
आज इसे आज़माएँ
- दस मिनट बिना फोन, बातचीत या काम के अपने साथ रहें।
- अकेलेपन को सहने की कोशिश न करें; बाहरी उत्तेजना न हो तो भीतर क्या होता है, बस देखें।
- असुविधा आए तो उसे भी जागरूकता में शामिल करें।